जमशेदपुर में स्कूली परिवहन ठप: सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर वैन चालक; पोक्सो एक्ट के ‘गलत’ इस्तेमाल का आरोप, संकट में अभिभावक

जमशेदपुर: लौहनगरी के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शहर के स्कूल वैन चालक संघ ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। शनिवार को संघ के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त , वरीय पुलिस अधीक्षक और सिटी डीएसपी को मांग पत्र सौंपा और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

क्यों हो रही है हड़ताल?

वैन चालक संघ की नाराजगी का मुख्य कारण बिरसानगर के एक निजी स्कूल में हाल ही में हुई एक घटना है। संघ का आरोप है कि एक चालक ने स्कूल की शिक्षिका के निर्देश पर कुछ बच्चों को उनके घर छोड़ा था।बिना जांच जेल भेजने का आरोप: दो दिनों बाद उस चालक को स्कूल बुलाया गया, दिन भर बैठाकर रखा गया और अंत में उस पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।संघ ने मानगो के एक पुराने मामले का भी जिक्र किया, जिसमें एक चालक पिछले दो वर्षों से जेल में है क्योंकि पुलिस ने अब तक अंतिम जांच रिपोर्ट जमा नहीं की है।

“गरीब चालकों को बनाया जा रहा निशाना”

वैन चालक संघ के अध्यक्ष और सदस्यों का साफ कहना है कि वे अपराध के समर्थन में नहीं हैं, लेकिन निर्दोषों को फंसाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है पुलिस पोक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में बिना दबाव के निष्पक्ष जांच करे।संघ का दावा है कि जिन दो चालकों पर हाल ही में ‘झूठा’ पोक्सो एक्ट लगाया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। पुलिस अपनी जांच समय सीमा के भीतर पूरी करे ताकि निर्दोष चालक वर्षों तक जेल में न सड़ें।

अभिभावकों के सामने खड़ा हुआ संकट

सोमवार से शुरू होने वाली इस हड़ताल का सीधा असर जमशेदपुर के प्रमुख निजी स्कूलों जैसे लोयोला, कार्मेल, हिल टॉप, और बिरसानगर-टेल्को क्षेत्र के स्कूलों पर पड़ेगा।

यातायात व्यवस्था चरमराएगी

शहर में हजारों बच्चे वैन के जरिए स्कूल जाते हैं। हड़ताल की स्थिति में सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव बढ़ेगा और जाम की स्थिति उत्पन्न होगी। कामकाजी माता-पिता के लिए बच्चों को स्कूल छोड़ना और वापस लाना एक बड़ी चुनौती बन गई है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील

वैन चालक संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं और पुलिस पारदर्शी जांच का आश्वासन नहीं देती, तब तक वैन के पहिए थमे रहेंगे। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या सोमवार से पहले कोई बीच का रास्ता निकलता है या नहीं।

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