जमशेदपुर: साकची आम बागान में अवैध कब्जे पर बवाल; भाजयुमो ने जिला प्रशासन को घेरा, कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप

जमशेदपुर: शहर के हृदय स्थल साकची स्थित ऐतिहासिक आम बागान मैदान में हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) झारखंड प्रदेश ने मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो ने मस्जिद कमेटी द्वारा टाटा लीज की जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण, गैराज और दुकानों को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

आवंटित जमीन से ज्यादा पर कब्जे का आरोप

भाजयुमो का आरोप है कि साकची आम बागान में मस्जिद कमेटी को 100×80 वर्ग फुट क्षेत्र आवंटित किया गया था। लेकिन वर्तमान में कमेटी ने अपनी सीमा का विस्तार करते हुए टाटा लीज की अतिरिक्त जमीन पर अवैध रूप से दुकानें और मस्जिद का ढांचा खड़ा कर लिया है। संगठन का कहना है कि यह न केवल टाटा लीज की शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन की खुली लूट है।

कोर्ट के आदेश की अनदेखी: अधिवक्ता चंदन चौबे

इस मामले पर कानूनी पक्ष रखते हुए अधिवक्ता चंदन चौबे ने बीपीएल संख्या 110/99-2000 (संख्या 441) के अदालती आदेश का हवाला दिया। उन्होंने कहा “माननीय न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि अवैध अतिक्रमण हटाकर केवल आवंटित भूमि पर ही निर्माण कार्य किया जाए। इसके बावजूद कोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर वहां अवैध दुकानें चलाई जा रही हैं। सवाल यह है कि जिला प्रशासन किसके दबाव में मौन है और कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं करा पा रहा?”

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

भाजयुमो ने सीधे तौर पर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया है। संगठन का कहना है कि शहर के बीचों-बीच इतने बड़े मैदान का स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

भाजयुमो की मुख्य मांगें

साकची आम बागान मैदान से तत्काल प्रभाव से सभी अवैध गैराज, दुकानें और अवैध निर्माण हटाए जाएं।न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने और उसे बढ़ावा देने वाले संबंधित पक्षों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

भाजयुमो झारखंड प्रदेश ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। भाजयुमो ने चेतावनी दी है कि ऐतिहासिक मैदान के अस्तित्व के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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