झारखंड-बिहार में इनकम टैक्स की बड़ी रेड: बाबा राइस मिल ग्रुप के ठिकानों पर छापा; जमशेदपुर में कारोबारी मनोज चौधरी के बंगले पर पहुंची टीम

जमशेदपुर/रांची: आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गुरुवार सुबह झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। यह छापेमारी ‘बाबा राइस मिल ग्रुप’ से जुड़े विभिन्न ठिकानों और उनसे संबंधित कारोबारियों के परिसरों पर की जा रही है। जमशेदपुर, रांची और हजारीबाग सहित कई शहरों में आयकर विभाग की टीमें दस्तावेजों को खंगालने में जुटी हुई हैं।

जमशेदपुर: सर्किट हाउस एरिया में कारोबारी के घर दबिश

लौहनगरी जमशेदपुर में आयकर विभाग की टीम बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित सर्किट हाउस रोड नंबर-3 पहुँची है। यहाँ स्थित बंगला नंबर 33C में सुबह से ही जांच चल रही है। जानकारी के अनुसार, यह आवास शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी मनोज चौधरी का है। विभाग के अधिकारी घर के अंदर मौजूद हैं और वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।

रांची और हजारीबाग में भी एक्शन

आयकर विभाग की यह कार्रवाई केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक राजधानी रांची में बाबा राइस मिल के कार्यालयों और मालिकों के ठिकानों पर टीमें तैनात हैं। हजारीबाग में भी राइस मिल से जुड़े वित्तीय लेन-देन और टैक्स चोरी की शिकायतों पर जांच चल रही है। बिहार के भी कुछ जिलों में इस ग्रुप से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की सूचना है।

क्यों हुई कार्रवाई?

सूत्रों का कहना है कि विभाग को लंबे समय से आयकर अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर अघोषित वित्तीय लेन-देन की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। राइस मिलिंग और इसके साथ जुड़े अन्य सहायक व्यवसायों में टैक्स चोरी की आशंका के मद्देनजर यह ‘सर्च एंड सीजर’ ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छापेमारी की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी संबंधित ठिकानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या बाहर आने पर पाबंदी लगा दी गई है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को भी विभाग ने जांच के दायरे में लिया है।

आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि देर शाम या जांच पूरी होने के बाद विभाग जब्त किए गए कैश, जेवरात या अघोषित संपत्ति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा कर सकता है। इस बड़ी कार्रवाई से झारखंड और बिहार के व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा हुआ है।

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