
जमशेदपुर। करीम सिटी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा बुधवार को सॉल 8.0 (SOL 8.0) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।इस वर्ष का विषय था – “AI in Action: Transforming Lives” (एआई इन एक्शन: ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स)।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की बढ़ती भूमिका और उसके वास्तविक जीवन में उपयोगों से परिचित कराना था।
मुख्य वक्ता प्रो. दिपतेन्दु हालदार ने दी एआई की गहराई से जानकारी
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर दिपतेन्दु हालदार (आईएसबी एंड एम, कोलकाता) उपस्थित थे।उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज के युग की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्रांतियों में से एक है,जो न केवल उद्योग जगत, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और दैनिक जीवन के हर क्षेत्र को बदल रही है।प्रो. हालदार ने कहा कि एआई ने मानव जीवन को पहले से अधिक सुविधाजनक, कुशल और सशक्त बना दिया है।उन्होंने कई वास्तविक उदाहरणों और नवीन तकनीकी एप्लिकेशनों के माध्यम से बताया किकैसे एआई का उपयोग आज निर्णय लेने, डेटा विश्लेषण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा प्रणाली और स्मार्ट बिजनेस प्रबंधन में किया जा रहा है।उन्होंने छात्रों से कहा कि आने वाले समय में एआई कौशल सबसे बड़ी आवश्यकता बनेंगे,इसलिए युवाओं को इस क्षेत्र में नवीन तकनीकों को सीखने और अपनाने पर जोर देना चाहिए।
प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने तकनीकी जागरूकता की सराहना की
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को तकनीक से जोड़ने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को समझना आधुनिक शिक्षा और प्रबंधन के छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने किया स्वागत
डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने मुख्य अतिथि प्रो. हालदार का स्वागत किया और छात्रों को इस महत्वपूर्ण विषय पर जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए प्रोत्साहित किया।उन्होंने कहा कि सॉल जैसे कार्यक्रम छात्रों में नवाचार और सीखने की जिज्ञासा को बढ़ाते हैं।
संचालन और समन्वय
कार्यक्रम का संचालन तैयबा शमीम और सारिया परवेज़ ने किया।उन्होंने पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित किया और वक्ताओं तथा प्रतिभागियों के बीच संवाद को जीवंत बनाए रखा।कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
