जमशेदपुर नेशनल लोक अदालत में 3.10 लाख वादों का निष्पादन, 36.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त

जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकार एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में शनिवार को जमशेदपुर सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 3,10,643 वादों का निष्पादन किया गया। इन मामलों के निष्पादन से समझौते के तहत कुल 36 करोड़, 93 लाख, 28 हजार 255 रुपये की राशि प्राप्त हुई।

प्रीलिटिगेशन के 2.98 लाख मामलों का हुआ निष्पादन

नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन से जुड़े कुल 2,98,495 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों के आपसी समझौते के आधार पर निपटारे से कुल 35 करोड़, 13 लाख, 96 हजार 697 रुपये प्राप्त हुए।प्रीलिटिगेशन मामलों के निपटारे से लोगों को अदालत में मुकदमा दायर करने से पहले ही विवादों का समाधान कराने का अवसर मिला।

कोर्ट में लंबित 12,148 मामलों का भी निपटारा

लोक अदालत में न्यायिक बेंच के समक्ष कोर्ट में विचाराधीन कुल 12,148 वाद सुनवाई के लिए लाए गए। बेंच द्वारा इन मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया।विचाराधीन मामलों के निपटारे से कुल 1 करोड़, 79 लाख, 31 हजार 558 रुपये की राशि प्राप्त हुई।इस तरह प्रीलिटिगेशन और न्यायालय में लंबित मामलों को मिलाकर कुल 3,10,643 मामलों का निपटारा किया गया।

जमशेदपुर में 12 और घाटशिला में 4 बेंच गठित

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जमशेदपुर सिविल कोर्ट में 12 बेंच गठित किए गए थे।वहीं, घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में 4 बेंच का गठन किया गया था। इन बेंच के माध्यम से विभिन्न मामलों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटाया गया।

सस्ता और त्वरित न्याय पाने का माध्यम है लोक अदालत

कुमार सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि लोक अदालत लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने लोगों से विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत जैसे मंच का लाभ उठाने की अपील की।लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर मामलों के निपटारे से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने की संभावना रहती है।

धनबाद व्यवहार न्यायालय से हुआ ऑनलाइन उद्घाटन

नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन धनबाद व्यवहार न्यायालय में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा किया गया।इसके बाद राज्य के विभिन्न न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत की कार्यवाही आयोजित की गई।

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