जमशेदपुर: युवाओं के नेतृत्व, नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देने वाले दो दिवसीय युवा संसद कार्यक्रम ‘संवाद 2026’ का सफलतापूर्वक समापन जमशेदपुर में हुआ। कार्यक्रम के दौरान देश की परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।युवा संसद के दूसरे दिन सदन में “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (स्टैच्यूटरी एम्पावरमेंट) बिल, 2026” पेश किया गया, जिसे बहुमत से पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
परीक्षा और भर्ती प्रणाली में सुधार पर केंद्रित रही बहस
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली अनियमितताओं तथा परीक्षा संचालन संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। युवा सांसदों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए।
विधायक सरयू राय ने की युवा संसद की सराहना
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने युवा संसद की कार्यवाही का अवलोकन किया। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को समझने के लिए ऐसे मंच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इसे युवाओं के लिए नेतृत्व विकास और जनहित के मुद्दों पर विचार-विमर्श का उत्कृष्ट अवसर बताया।
डॉ. ललित कपूर ने युवाओं को दिया प्रेरणादायी संदेश
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. ललित कपूर उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, समर्पण और समाज सेवा के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षाविदों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर कनगराज (एक्सएलआरआई), टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष संजीव तिवारी, डॉ. संतोष गुप्ता तथा राजेश कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
स्वयंसेवकों और आयोजकों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में स्वयंसेवकों पुष्कर सिंह राजपूत, हृद्यांश राज, अभिज्ञान जायसवाल, रुद्र घोष, तिज़ील तेजश बारी और आरव गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।वहीं, कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थापक आर्यन कुमार, शौर्य गुप्ता और आदित्य पांडेय ने किया। उनके नेतृत्व में आयोजित यह मंच युवाओं के लिए नीति-निर्माण, नेतृत्व विकास और लोकतांत्रिक संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा।
भविष्य में भी जारी रहेंगे युवा नेतृत्व के ऐसे प्रयास
समापन अवसर पर आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने भविष्य में भी ऐसे मंचों के माध्यम से युवा नेतृत्व, रचनात्मक विचार-विमर्श और सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
