जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक कथित संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिलें और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।यह कार्रवाई जिले में बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।


गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और मुसाबनी के पुलिस उपाधीक्षक रोहित कुमार रजवार के नेतृत्व में गुड़ाबांदा थाना प्रभारी कुमार सुमित यादव ने विशेष छापेमारी दल का गठन किया था।पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ज्वालकट्टा मिलनवीथी हाई स्कूल के समीप हरिकीर्तन मंडप के पास कुछ युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ जमा हैं।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीन युवकों को संदिग्ध वाहनों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में संगठित गिरोह का खुलासा
ग्रामीण एसपी शुभम खंडवाल ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं।पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य जमशेदपुर समेत विभिन्न जिलों के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर 17 बाइक बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं।बरामद वाहनों में अधिकांश हीरो स्प्लेंडर प्लस और पैशन प्रो बाइक शामिल हैं। इसके अलावा एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।पुलिस अब बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर का मिलान विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से कर रही है।
तीन मोबाइल फोन भी जब्त
वाहनों के अलावा आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इनमें एक एप्पल आईफोन, एक रेडमी स्मार्टफोन और एक पोको स्मार्टफोन शामिल है।पुलिस इन मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
अन्य मामलों का भी हो सकता है खुलासा
गुड़ाबांदा थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान वाहन चोरी के अन्य मामलों और गिरोह से जुड़े संभावित लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है।
