जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर की ओर से आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश पर पैरा लीगल वॉलिंटियर्स शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जागरूकता अभियान
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक करना है। लोगों को बताया जा रहा है कि समझौते योग्य मामलों का लोक अदालत के माध्यम से त्वरित और सरल तरीके से निपटारा कराया जा सकता है।राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मामलों के समाधान से पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होने की उम्मीद है।
इन मामलों का होगा निपटारा
12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के समझौते योग्य मामलों का निपटारा किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं बैंक ऋण से जुड़े मामले,बिजली संबंधी मामले,एक्साइज से जुड़े मामले,माप-तौल संबंधी मामले,दूरसंचार से जुड़े मामले,दुर्घटना क्लेम के मामले,पारिवारिक विवाद और अन्य समझौते योग्य मामले।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रहे पैरा लीगल वॉलिंटियर्स
जागरूकता अभियान के तहत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स जिले के अलग-अलग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।डालसा की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि यदि उनका कोई ऐसा मामला लंबित है, जो आपसी समझौते के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, तो वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।
त्वरित न्याय के साथ होगी पैसों की बचत
डालसा के अनुसार, लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को सरल और सुलभ तरीके से विवादों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराना है। समझौते के माध्यम से मामलों के निपटारे से लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए डालसा की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लंबित और समझौते योग्य मामलों का समाधान कराया जा सके।
