जमशेदपुर:झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री व वरिष्ठ नेता स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद जमशेदपुर विश्वकर्मा समाज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। दिवंगत नेता के सम्मान में समाज ने आगामी 17 और 18 सितंबर को आयोजित होने वाले दो दिवसीय वार्षिक हस्तशिल्प मेला एवं सभी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा उत्सव पूर्णतः सादगी और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
जमशेदपुर विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने बताया कि पूर्व मंत्री के निधन से पूरा समाज मर्माहत है। समाज के पदाधिकारियों और केंद्रीय कार्यकारिणी की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के निर्देशों का पालन करते हुए सभी उत्सवी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लिया गया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेले में स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए लगभग 15 स्टॉल लगाए जाने थे, जिन्हें अब पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है।
17 सितंबर को केवल सादगीपूर्ण पूजनोत्सव का होगा आयोजन
समाज के नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष किसी भी प्रकार का ढोल-नगाड़ा, आतिशबाजी या सांस्कृतिक मंच तैयार नहीं किया जाएगा। केवल भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और पूजनोत्सव का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा। पूर्व में प्रस्तावित सभी प्रतियोगिताएं, संगीत संध्याएं और प्रदर्शनियां पूरी तरह रद्द रहेंगी।
“अपूरणीय क्षति” — अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था 25 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल
विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का समाज और आम जनमानस के प्रति गहरा लगाव था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जमशेदपुर से समाज के 20 से 25 वरिष्ठ पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल गिरिडीह गया था। जमशेदपुर विश्वकर्मा समाज ने शहर के सभी नागरिकों और समाज बंधुओं से अपील की है कि वे इस निर्णय का सम्मान करें और इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा को अत्यंत शांतिपूर्ण, सादगीपूर्ण एवं श्रद्धाभरे वातावरण में संपन्न कराने में अपना सहयोग प्रदान करें।
