50 साल से सड़क-नाली की समस्या से जूझ रहा हरिओम नगर, उपायुक्त दरबार पहुंचा मामला

आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-17 स्थित हरिओम नगर रोड नंबर-5B में करीब पांच दशक से चली आ रही सड़क और नाली की समस्या शुक्रवार को उपायुक्त दरबार पहुंची। पार्षद नीतू शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र के करीब दर्जन भर प्रभावित लोगों ने उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या की जानकारी दी और लंबित सड़क-नाली निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की।

बारिश में सड़क बन जाती है तालाब

स्थानीय लोगों ने बताया कि चंपू जनरल स्टोर से टुनटुन राय के मकान तक सड़क एवं नाली निर्माण का प्रस्ताव है। करीब 50 वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या गंभीर हो जाती है। इससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और मरीजों को आवागमन में परेशानी होती है। यह सड़क दो वार्डों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क भी बताई गई है।

दो बार टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम

ज्ञापन में बताया गया कि सड़क और नाली निर्माण के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन झारखंड राज्य आवास बोर्ड की ओर से आपत्ति किए जाने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय आपत्ति के कारण दशकों पुरानी समस्या का समाधान एक बार फिर अटक गया है।क्षेत्र में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से मास्ट लाइट लगाने का काम भी कराया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार, इस कार्य में भी आवास बोर्ड की आपत्ति के कारण बाधा आने की बात कही गई है।

उपायुक्त ने आवास बोर्ड के अधिकारी से की बात

पार्षद नीतू शर्मा ने उपायुक्त को बताया कि क्षेत्र में बड़ी आबादी निवास करती है और लोग लंबे समय से सड़क, नाली तथा जलनिकासी की समस्या झेल रहे हैं। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से दुर्घटना की आशंका के साथ मच्छर और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।लोगों की शिकायत सुनने के बाद उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड राज्य आवास बोर्ड के संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी से फोन पर बातचीत की और समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया।

पहले भी उठाया जा चुका है मामला

पार्षद नीतू शर्मा ने बताया कि इस समस्या को पहले भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से भी मामले के समाधान को लेकर मुलाकात की गई थी। उन्होंने तत्कालीन नगर आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था।

लोगों ने रखीं कई मांगें

क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन के माध्यम से आवास बोर्ड और आदित्यपुर नगर निगम के बीच समन्वय स्थापित करने, सड़क के दोनों ओर आवश्यकता के अनुसार पक्की नाली और उचित जलनिकासी की व्यवस्था करने, मास्ट लाइट का काम निर्बाध रूप से पूरा कराने तथा स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य की समय-सीमा तय करने की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी मांग किसी नई योजना की नहीं, बल्कि दशकों पुरानी बुनियादी समस्या के समाधान की है। उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि आवास बोर्ड और नगर निगम के बीच का गतिरोध दूर होगा और सड़क-नाली निर्माण का रास्ता साफ होगा।

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