डुमरिया एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी मामले में दुखनी सोरेन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर। डुमरिया-कानासोल स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्री दुखनी सोरेन ने दो दर्जन से अधिक अभिभावकों के साथ पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विद्यालय में जल्द पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की।

शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही प्रभावित

दुखनी सोरेन ने कहा कि एकलव्य विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण और आदिवासी परिवारों से आते हैं। विद्यालय में शिक्षकों के कई पद रिक्त रहने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी का असर बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर भी पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को नियमित कक्षाएं और विषयवार शैक्षणिक मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।

प्रतिनियुक्ति या वैकल्पिक माध्यम से शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग

दुखनी सोरेन ने उपायुक्त से मांग की कि डुमरिया स्थित एकलव्य विद्यालय में जल्द से जल्द आवश्यक शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्ति या अन्य वैकल्पिक माध्यम से शिक्षकों की व्यवस्था की जा सकती है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

‘बच्चों का भविष्य प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का शिकार न हो’

दुखनी सोरेन ने कहा कि आदिवासी बच्चों के लिए बनाए गए आवासीय विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों का नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का शिकार नहीं होना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक लाभ का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा सवाल है। प्रशासन को इस मामले में तत्काल सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

दुखनी सोरेन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो अभिभावकों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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