जमशेदपुर: उत्क्रमित मध्य विद्यालय टांगराइन के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद की ओर से उन्हें नित्यानंद श्रुति शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान प्रदान किया गया। परिषद द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। अरविंद कुमार तिवारी ने आधुनिक और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ आदिम जनजाति सबर समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाई को बनाया रोचक
प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी ने विद्यालय में पढ़ाई को सरल, रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए कई पहल की हैं। उनके प्रयासों से बच्चों को पारंपरिक शिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक और गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ने का अवसर मिला है।विद्यालय में डिजिटल शिक्षा और मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। इन पहलों का उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करना और विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।
सबर समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
अरविंद कुमार तिवारी ने आदिम जनजाति सबर समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पठन दक्षता विकसित करने के लिए टोली विद्यालय का संचालन किया गया। इसके अलावा भाषा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के माध्यम से बच्चों की भाषाई क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया गया।इन प्रयासों का मकसद बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत करना और उन्हें पढ़ाई से लगातार जोड़े रखना है।
खेलकूद और कला प्रशिक्षण से सर्वांगीण विकास पर जोर
विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के शारीरिक और रचनात्मक विकास के लिए भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई हैं। बच्चों को तीरंदाजी, तैराकी, योग, ताइक्वांडो और मूर्ति निर्माण कला का प्रशिक्षण देने की पहल की गई है।इसके अलावा विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया, ताकि वे पुस्तकीय ज्ञान के साथ अपने आसपास की दुनिया को भी समझ सकें। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नई चीजें सीखने की रुचि विकसित करने का प्रयास किया गया है।
विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने का प्रयास
प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी के प्रयासों से विद्यालय में शिक्षा के अनुकूल वातावरण तैयार करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद ने उन्हें नित्यानंद श्रुति शिक्षक उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया।
