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रांची: अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के मामले में रांची पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन के दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन से जुड़ा विवाद मुख्य वजह था। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई की।
24 अक्टूबर को आवास पर हुई थी हत्या
मृतक लक्ष्मीकांत मुंडा (करीब 38 वर्ष) बुंडू थाना क्षेत्र के दलकीडीह गांव के निवासी थे और अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मी के पद पर कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर को जोरा स्थित उनके आवास पर अज्ञात अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल गठित कर मामले की जांच शुरू की।इस संबंध में नामकुम थाना कांड संख्या 301/26 के तहत अनुसंधान किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान प्रदीप गोसाई, अमित टोप्पो और सिंटू कुमार गोसाई के रूप में हुई है।
जमीन के म्यूटेशन विवाद को बताया हत्या का कारण
पुलिस की जांच के मुताबिक, अरगोड़ा अंचल के मौजा बड़ा घाघरा में स्थित 96 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जमीन का विवरण खाता संख्या 29 बताया गया है। गोसाई परिवार की ओर से अलग-अलग डीड के आधार पर दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिए गए थे।राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा ने इन मामलों में स्थल जांच और दस्तावेजों का सत्यापन किया था। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान दस्तावेजों और वंशावली में कमियां मिलने पर उन्होंने कई नामांतरण वादों में प्रतिकूल टिप्पणी करते हुए अंचलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने संबंधित मामलों में दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी। इसके आधार पर अंचलाधिकारी ने कुछ मामलों को खारिज कर दिया था, जबकि अन्य मामले प्रक्रियाधीन थे।
म्यूटेशन कराने और जमीन पर कब्जा दिलाने का दबाव
पुलिस का दावा है कि जमीन खरीदने वालों की ओर से आरोपियों पर म्यूटेशन कराने और जमीन पर कब्जा दिलाने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी विवाद के चलते राजस्व कर्मी की हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
