राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज झारखंड दौरे पर, जमशेदपुर में जगन्नाथ मंदिर शिलान्यास और मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज कार्यक्रम में होंगी शामिल

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रांची/जमशेदपुर | भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज झारखंड के दौरे पर रहेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे जमशेदपुर में भगवान जगन्नाथ मंदिर के भूमिपूजन/शिलान्यास समारोह में भाग लेंगी तथा इसके बाद मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी।राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन और प्रस्थान को लेकर जिला प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियाँ की हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं, जिनमें हवाई गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध भी शामिल है।

जगन्नाथ मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मू जमशेदपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।# मेडिकल शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम में सहभागिताइसके बाद राष्ट्रपति मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी। यहाँ वे चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और संस्थान की उपलब्धियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगी।

रांची में ‘No Flying Zone’ घोषित

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू किए हैं। अनुमंडल दंडाधिकारी (सदर), रांची द्वारा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की परिधि एवं उसके ऊपर नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

इन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध

निर्देशानुसार ड्रोन्स ,पैरा ग्लाइडिंग और हॉट एयर बलून्स गतिविधियाँ पूर्णतः वर्जित रहेंगी।यह निषेधाज्ञा 26 फरवरी 2026 को प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त अवधि में निर्धारित क्षेत्र में या उसके ऊपर किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर हैं। एयरपोर्ट, कार्यक्रम स्थल और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।राष्ट्रपति के इस दौरे को झारखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेषकर धार्मिक एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों के दृष्टिकोण से।

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