जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर भूमि पूजन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा– “जगन्नाथ अब झारखंड विहारी और जमशेदपुर विहारी भी कहलाएंगे”

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जमशेदपुर : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कदमा मरीन ड्राइव स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस शुभ कार्य के लिए सही समय का इंतजार किया जा रहा था।उन्होंने कहा, “जब मैं झारखंड की सेवा में थी, तब से ही जगन्नाथ मंदिर की भूमि का इंतजार हो रहा था। आज वह सही समय आया है। यह सब प्रभु की मर्जी से तय हुआ है।”राष्ट्रपति ने भावुक शब्दों में कहा कि भगवान जगन्नाथ निराचार विहारी हैं, अब वे “झारखंड विहारी” और “जमशेदपुर विहारी” भी कहलाएंगे। “उनके सामने सब समान हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। सभी एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं,”

कोल्हान सामाजिक सौहार्द का उदाहरण

राष्ट्रपति ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है, जहां सभी समुदाय मिलजुलकर रहते हैं। मंदिर निर्माण भी उसी एकता की देन है। उन्होंने उल्लेख किया कि आज भी विद्यापति के परिवार द्वारा पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जाती है।उन्होंने कहा कि झारखंड में जनजातीय समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है और अब उन्हें भी भगवान जगन्नाथ को और निकट से जानने का अवसर मिलेगा। आदिवासी परंपराओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों की पूजा हमें प्रकृति के सम्मान की शिक्षा देती है। राष्ट्रपति ने कहा “हम भिन्न नहीं, अभिन्न हैं। जगन्नाथ चारों ओर विराजमान हैं। जगन्नाथ जग के नाथ हैं,”।

आध्यात्मिक चेतना से मानसिक विकास संभव

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी आवश्यक है और आध्यात्मिक चेतना से ही मानसिक उन्नति संभव है। उन्होंने बालिका छात्रावास को प्राथमिकता देने पर बल दिया।उन्होंने कहा कि गीता में आत्मा के भोजन का उल्लेख है और गीता का अध्ययन सभी को करना चाहिए। युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए आध्यात्मिक जागृति आवश्यक है।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने भी रखा विचार

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि उन्हें ओडिशा में पांच वर्षों तक रहने और भगवान जगन्नाथ को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर लौहनगरी के साथ-साथ आदर्शनगरी के रूप में भी प्रतिष्ठित है।उन्होंने कहा कि रांची और जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड में उत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाए जाते हैं। विकास तभी सार्थक है जब वह सांस्कृतिक चेतना के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज एक सामाजिक और आध्यात्मिक केंद्र की नींव रखी गई है, जो हम सबके लिए सौभाग्य की बात है।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि महाप्रभु का नया मंदिर जमशेदपुर में बनना एक नया अध्याय है। देशभर में 500 से अधिक मंदिर भक्तों द्वारा बनाए जा चुके हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में मन की एकाग्रता के लिए प्रभु का आशीर्वाद आवश्यक है।

लोकतंत्र की खूबसूरती का उदाहरण

श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर के मैनेजिंग ट्रस्टी एसके बेहरा ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती है कि एक साधारण गांव में जन्म लेने वाली महिला देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवा जितने चरित्रवान होंगे, देश उतना ही सशक्त बनेगा।यह भूमि पूजन समारोह जमशेदपुर और पूरे कोल्हान क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है। धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समन्वय के साथ विकास की इस पहल को स्थानीय लोगों ने व्यापक समर्थन दिया।

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