
जमशेदपुर:भारत के महान उद्योगपति और टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा की जयंती (3 मार्च) के अवसर पर ‘लौहनगरी’ जमशेदपुर उत्सव के रंग में सराबोर है। शहर के कोने-कोने को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण दीपावली जैसा प्रतीत हो रहा है।
शहर में उत्साह का माहौल: आकर्षक लाइटिंग और सजावट
संस्थापक दिवस को लेकर जमशेदपुर के प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भव्य सजावट की जा रही है। शहर के मुख्य मार्गों और पार्कों को रंग-बिरंगी झालरों और आधुनिक एलईडी लाइटों से सजाया गया है।टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और अन्य टाटा परिसरों को विशेष रूप से आकर्षक रोशनी से रोशन किया गया है।कई स्थानों पर जमशेदजी टाटा के विजन और जमशेदपुर की औद्योगिक यात्रा को दर्शाने वाले पोस्टर्स और मॉडल लगाए गए हैं।
जुबली पार्क बनेगा मुख्य आकर्षण
हर साल की तरह इस बार भी जुबली पार्क शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा पार्क के अंदर की गई विशेष लाइटिंग और फव्वारों की सजावट देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों के उमड़ने की उम्मीद है।”जमशेदपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि जमशेदजी टाटा के सपनों और विजन का जीवंत प्रमाण है।” शहरवासी।
प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की चाक-चौबंद व्यवस्था
बड़े पैमाने पर होने वाले इस आयोजन को देखते हुए प्रशासन और टाटा स्टील प्रबंधन पूरी तरह सतर्क है:पूरे शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक रूट में बदलाव और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख स्थलों के पास पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
जमशेदजी टाटा: एक महान दूरदर्शी का सपना
जमशेदपुर, जिसे देश के पहले नियोजित औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है, आज भी जमशेदजी टाटा के सिद्धांतों पर आधारित है। यह जयंती केवल एक समारोह नहीं, बल्कि शहर की प्रगति, औद्योगिक क्रांति और टाटा समूह के सेवा भाव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है।
