
रांची: झारखंड की सियासत में मुख्यमंत्री आवास के निर्माण को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग कर अपने लिए ‘आलीशान शीश महल’ बनवाने का गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि खुद को ‘अगुआ’ बताने वाली सरकार अब शाही ठाठ-बाट में मशगूल है।
“केजरीवाल की राह पर हेमंत सोरेन”
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तुलना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की। उन्होंने कहा हेमंत सोरेन अब अरविंद केजरीवाल की राह पर चल पड़े हैं। जिस तरह दिल्ली में करोड़ों का ‘शीश महल’ चर्चा में रहा, उसी तर्ज पर झारखंड में भी लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री के लिए भव्य आवास तैयार किया जा रहा है।
जकूजी, स्विमिंग पूल और 2 करोड़ का फव्वारा!
बीजेपी प्रवक्ता ने नए आवास की विलासिता का विवरण देते हुए दावा किया कि इस परियोजना में फिजूलखर्ची की तमाम हदें पार कर दी गई हैं। उनके अनुसार आवास में आधुनिक स्विमिंग पूल, जकूजी और आलीशान सुइट्स बनाए जा रहे हैं।सौंदर्यकरण परिसर की शोभा बढ़ाने के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये का फव्वारा और करीब ढाई करोड़ रुपये का गार्डन विकसित किया जा रहा है।आधिकारिक तौर पर मुख्य भवन की लागत 47 करोड़ बताई जा रही है, लेकिन अन्य मदों को जोड़ने पर यह 70 करोड़ तक पहुँचती है। विभागीय परंपरा के अनुसार लागत बढ़ने पर यह आंकड़ा 100 करोड़ के पार जाएगा।
कैबिनेट ब्रीफिंग में ‘गोपनीयता’ पर सवाल
प्रतुल शाहदेव ने सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस परियोजना को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई, लेकिन कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस महत्वपूर्ण जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पहले से ही नया राजभवन और मुख्यमंत्री आवास प्रस्तावित है, तो वर्तमान में इतनी बड़ी राशि खर्च करने का क्या औचित्य है?
जनता की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
बीजेपी ने आरोप लगाया कि जिस राज्य में आदिवासी और मूलवासी परिवार आज भी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहां मुख्यमंत्री के लिए ‘राजसी महल’ बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे। बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को ‘जनता की अदालत’ में ले जाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे कि गरीबों के टैक्स का पैसा विकास के बजाय ‘शाही ठाठ’ पर क्यों खर्च हो रहा है।
