
जमशेदपुर: देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शुमार XLRI- जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने कामकाजी पेशेवरों के लिए अपने विशेष ‘ब्लेंडेड पीजीडीएम’ कार्यक्रमों के सत्र 2026–28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कोर्स उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपनी नौकरी छोड़े बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रबंधन शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में स्पेशलाइजेशन
XLRI इस सत्र में तीन अलग-अलग श्रेणियों में ब्लेंडेड पीजीडीएम कार्यक्रम पेश कर रहा है:
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट :: एचआर रणनीति, पीपल एनालिटिक्स और लेबर लॉ जैसे विषयों पर केंद्रित।
फाइनेंस : फिनटेक, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और डेटा साइंस जैसे विषयों के साथ CFA के 70% सिलेबस के अनुरूप।
बिजनेस मैनेजमेंट : मार्केटिंग, ऑपरेशंस और स्ट्रैटेजी में क्रॉस-फंक्शनल लीडरशिप विकसित करने के लिए।
पढ़ाई का अनूठा मॉडल: ऑनलाइन क्लास + कैंपस इमर्शन
संस्थान के अनुसार, यह 2 साल का कार्यक्रम होगा जिसमें कुल 6 टर्म होंगे।
लाइव ऑनलाइन क्लासेस: कार्यदिवसों की शाम और सप्ताहांत पर आयोजित की जाएंगी।
कैंपस इमर्शन: पूरे कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को 4 बार (एक-एक सप्ताह के लिए) XLRI जमशेदपुर कैंपस में रहने और सीखने का मौका मिलेगा।
पहला कैंपस मॉड्यूल: 20 से 25 जुलाई 2026 तक निर्धारित है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
इन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक डिग्री।
कार्य अनुभव: कम से कम 3 वर्ष का कार्य अनुभव होना अनिवार्य है।
चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।
आवेदन शुल्क और स्कॉलरशिप की सुविधा
संस्थान ने समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष छूट का प्रावधान भी किया है:
आवेदन शुल्क: एक प्रोग्राम के लिए ₹2000 (अतिरिक्त प्रोग्राम के लिए ₹500)।
फीस छूट: महिलाओं, SC/ST, दिव्यांग और पूर्वोत्तर राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए 1 लाख रुपये तक की फीस छूट का प्रावधान है।
अन्य लाभ: कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप और मेरिट के आधार पर भी छात्रवृत्ति (Scholarship) उपलब्ध होगी।
“ब्लेंडेड लर्निंग के माध्यम से XLRI अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और मूल्यों को डिजिटल युग के साथ जोड़ रहा है। भले ही छात्र विभिन्न स्थानों से जुड़ेंगे, लेकिन सीखने की प्रक्रिया पूरी तरह इमर्सिव होगी।”
— प्रोफेसर गिरीधर रामचंद्रन, एसोसिएट डीन, XLRI
