
जमशेदपुर: मंगलवार को शहर के टाटा स्टील ट्यूब डिवीजन के गेट के बाहर सैकड़ों मजदूर धरने पर बैठ गए। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को हटाकर नए मजदूरों को काम पर रखा जा रहा है।
गेट पास जमा करने को कहा गया

मुखी समाज के मीडिया प्रभारी अरविंद मुखी ने बताया कि सुबह काम पर पहुंचे हाउसकीपिंग मजदूरों को कंपनी के एचआर विभाग द्वारा गेट पास जमा करने को कहा गया और बाहर जाकर काम खोजने की बात कही गई।जब मजदूरों ने इसका कारण जानना चाहा तो उन्हें बताया गया कि बाहर के वेंडर अपने मजदूरों से काम करवाएंगे।
अधिकारियों से बात नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश
मजदूरों ने कंपनी के वरीय अधिकारियों से बात करने की इच्छा जताई, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद मजदूरों का आक्रोश बढ़ गया और वे गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
22–25 वर्षों से काम कर रहे हैं कर्मचारी
मजदूरों का कहना है कि करीब 35 से 40 कर्मचारी पिछले 22 से 25 वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं। आरोप है कि करीब 5–6 दिन पहले बिना किसी कारण के उन्हें काम से बैठा दिया गया और उनकी जगह नए कर्मचारियों को रखा जा रहा है।
मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना
मजदूरों ने कहा कि मंगलवार को नए कर्मचारियों को गेट से अंदर भेजा जा रहा था, जबकि पुराने कर्मचारियों को गेट पास जमा करने को कहा गया।मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे। फिलहाल कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
