जमशेदपुर: सिद्धगोड़ा बालाजी मंदिर ब्रह्मोत्सव के तीसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 200 सुहागिनों ने की ‘कुमकुम पूजा’a

जमशेदपुर: सिदगोड़ा स्थित करवरिया धाम बालाजी मंदिर में आयोजित ब्रह्मोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को भक्ति और अनुष्ठान का अद्भुत संगम देखने को मिला। कर्नाटक से आए विशेष पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान बालाजी की विशेष सेवा और हवन संपन्न हुआ।

सुप्रभात सेवा और सुदर्शन होमम से हुई शुरुआत

ब्रह्मोत्सव के तीसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत तड़के सुबह 7 बजे भगवान बालाजी की ‘सुप्रभात सेवा’ के साथ हुई। इसके पश्चात ‘सुदर्शन होमम’ का गणेश (प्रारंभ) किया गया।कर्नाटक के विद्वान पुरोहितों ने घी, नवधान, गेहूं, गरम मसाला, कोई, गोटा मूंग, दूर्वा, मेवा और नारियल जैसी पवित्र सामग्रियों से आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की।सुदर्शन होमम को नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सुख-समृद्धि लाने वाला अत्यंत प्रभावशाली अनुष्ठान माना जाता है।

200 सुहागिनों ने किया कुमकुम अर्चन

शाम 4 बजे मंदिर परिसर में ‘कुमकुम पूजा’ का भव्य आयोजन किया गया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इस विशेष पूजा में शहर की लगभग 200 सुहागिन महिलाओं ने हिस्सा लिया। भगवान बालाजी की प्रतिमा के समक्ष तेलुगु परंपरा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। पूजा के पश्चात सभी सुहागिनों ने भगवान को हल्दी और कुमकुम भेंट कर अपने अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की।

भक्तिमय हुआ सिदगोड़ा इलाका

ब्रह्मोत्सव को लेकर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। दक्षिण भारतीय पद्धति से हो रही पूजा-अर्चना को देखने के लिए जमशेदपुर के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि ब्रह्मोत्सव के आगामी दिनों में और भी विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसका समापन महा-अभिषेक के साथ होगा।

More From Author

जमशेदपुर में गैस संकट का असर अस्पतालों तक, रेलवे अस्पताल में इंडक्शन पर बन रहा मरीजों का खाना

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में ‘जल महोत्सव’ की धूम, एनएसएस छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक और रैली से दिया जल संरक्षण का संदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *