
जमशेदपुर: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध जैसे तनाव के बीच जमशेदपुर के सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने बड़ी जिम्मेदारी जुटाई हुई 46 हजार रुपये टन एलपीजी लेकर भारत वापसी में सफलता हासिल की है। वह शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज ‘शिवालिक’ पर तैनात हैं।13 मार्च को उन्होंने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार किया। शेष उनका जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा है।
26 नवंबर से शुरू हुआ था चुनौतीपूर्ण सफर
अंश त्रिपाठी ने 26 नवंबर 2025 को जहाज पर अपनी ड्यूटी जॉइन की थी। उस समय खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा था, जिससे समुद्री यात्रा कठिन चुनौतीपूर्ण हो गई थी।युएई , कतर और सऊदी अरब से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए एलपीजी लेकर निकले इस जहाज को पूरे रास्ते सुरक्षा और खतरे के साथ यात्रा करनी पड़ी।13 मार्च को जब जहाज ने सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया, तो उनके परिवार और परिचितों ने राहत की सांस ली।
परिवार कई दिनों से था चिंता में
जमशेदपुर के पारडीह स्थित आशियाना वुडलैंड में रहने वाले अंश के पिता मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पिछले कई दिनों से पूरा परिवार चिंता में था।उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव की खबरों के कारण सभी लोग लगातार उनकी सुरक्षा को लेकर परेशान थे।अंश की मां और पत्नी ने भी उनकी सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई।
संपर्क नहीं होने से परिवार था परेशान
अंश की पत्नी, जो टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने बताया कि जहाज के समुद्र में रहने के कारण कई दिनों तक संपर्क नहीं हो पाया था।उन्होंने कहा कि लगातार संपर्क नहीं होने से परिवार काफी परेशान था, लेकिन अब उनकी सुरक्षित वापसी की खबर से सभी को सुकून मिला है।
घर पर लगा बधाई देने वालों का तांता
अंश के सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही उनके घर पर रिश्तेदारों और परिचितों का जमावड़ा लग गया है। लगातार लोग फोन कर उनकी कुशलता पूछ रहे हैं और परिवार को बधाई दे रहे हैं।जमशेदपुर: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध जैसे तनाव के बीच जमशेदपुर के सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी ने बड़ी जिम्मेदारी जुटाई हुई 46 हजार रुपये टन एलपीजी लेकर भारत वापसी में सफलता हासिल की है। वह शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जहाज ‘शिवालिक’ पर तैनात हैं।13 मार्च को उन्होंने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार किया। शेष उनका जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर बढ़ रहा है।
