जमशेदपुर/अमरावती: देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल, एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने अपनी वैश्विक पहचान को और विस्तार देते हुए आंध्र प्रदेश में कदम रखा है। एक्सएलआरआई ने आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत अमरावती में 61.7 एकड़ भूमि पर संस्थान का नया कैंपस स्थापित किया जाएगा।
300 करोड़ की लागत और ‘इन्फिनिट गुडनेस’ का विजन
करीब 300 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाला यह कैंपस ‘ एक्सएलआरआई अमरावती’ के नाम से जाना जाएगा। यह परिसर संस्थान की प्रसिद्ध अवधारणा “कैम्पस ऑफ इनफिनिट गुडनेस” पर आधारित होगा।पहले चरण की मुख्य योजनाएं निम्नलिखित है जिसमे शुरुआती चरण में 1,000 छात्रों के लिए इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्राम शुरू होंगे, 200 वर्किंग प्रोफेशनल्स (कार्यरत पेशेवरों) के लिए विशेष प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।स्मार्ट क्लासरूम, कोलाबोरेटिव लर्निंग स्पेस और सस्टेनेबल (सतत) विकास के सिद्धांतों पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।
अमरावती का रणनीतिक चयन और वैश्विक मानक
अमरावती को एक उभरते हुए प्रशासनिक और नवाचार केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। एक्सएलआरआई की उपस्थिति यहां क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति और ज्ञान सृजन को नई गति देगी। संस्थान का उद्देश्य यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करना है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप हो।
“एक्सएलआरआई अमरावती हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत हम विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा की पहुंच बढ़ा रहे हैं। यह कैंपस नवाचार और जिम्मेदार नेतृत्व के समन्वय से भविष्य के लीडर्स तैयार करेगा।” — फादर जॉर्ज सबेस्टियन, निदेशक, एक्सएलआरआई जमशेदपुर।
एक्सएलआरआई: 1949 से उत्कृष्टता का सफर
1949 में जमशेदपुर में स्थापित एक्सएलआरआई भारत का सबसे पुराना बिजनेस स्कूल है। अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और नैतिक नेतृत्व के लिए विख्यात इस संस्थान ने अब तक जमशेदपुर और दिल्ली-एनसीआर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। अब अमरावती कैंपस के साथ एक्सएलआरआई की राष्ट्रीय पहुंच और भी व्यापक हो जाएगी।
भविष्य की राह
यह नया कैंपस न केवल दक्षिण भारत के छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा, बल्कि देश-विदेश के पेशेवरों के लिए भी शोध और नवाचार का केंद्र बनेगा। “सर्वजन हिताय” की भावना को आगे बढ़ाते हुए एक्सएलआरआई अब अमरावती की धरती से भी जिम्मेदार नेतृत्व विकसित करने के अपने मिशन को जारी रखेगा।
