चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में महिलाओं को जानलेवा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से मुक्त करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। आगामी 30 मार्च से पूरे जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी ने पत्रकारों से बातचीत में इस अभियान के रोडमैप और लाभ की विस्तृत जानकारी दी।
14 से 15 वर्ष की किशोरियों को लगेगा ‘सिंगल डोज’
सिविल सर्जन ने बताया कि यह टीकाकरण विशेष रूप से 14 से 15 आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए तैयार किया गया है।किशोरियों को बाएं हाथ में वैक्सीन की केवल एक डोज दी जाएगी। डॉ. मांझी ने स्पष्ट किया कि जो भी किशोरी यह डोज लेगी, उसे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा न के बराबर रहेगा। यह टीका इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है।
90 दिनों का विशेष महाभियान: सर्वे हुआ पूरा
यह टीकाकरण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से 90 दिनों तक चलाया जाएगा:शुरुआत में यह टीका सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध होगा, जिसे बाद में उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया जाएगा।जमीनी स्तर पर सहिया और एएनएम द्वारा सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। लाभार्थियों को केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। टीकाकरण से पूर्व लाभार्थी के माता-पिता, स्कूल के प्रिंसिपल या शिक्षकों की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी। अभिभावकों को पूरी जानकारी दी जाएगी कि उनकी बच्ची को कौन सा टीका लगाया जा रहा है।
सिविल सर्जन की अपील: बच्चियों का भविष्य सुरक्षित करें
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. जुझार मांझी ने जिले के तमाम अभिभावकों और शिक्षकों से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर रोग है, जिसे सही समय पर टीकाकरण के जरिए रोका जा सकता है।
“समाज की सजगता ही हमारी बच्चियों को कैंसर जैसी बीमारी से बचा सकती है। 30 मार्च से शुरू हो रहे इस अभियान में अपनी 14-15 साल की बेटियों को जरूर शामिल करें।” — डॉ. जुझार मांझी, सिविल सर्जन (पश्चिमी सिंहभूम)
