जमशेदपुर ।शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और असुरक्षित माहौल को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। महासम्मेलन ने शहर में बढ़ती चोरी, लूट, महिलाओं से छेड़खानी और विशेष रूप से हाल के दिनों में बढ़े ‘चापड़ हमलों’ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक मांग पत्र सौंपा।
शहर के बिगड़ते हालात पर जताई चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को अवगत कराया कि लौहनगरी में आम नागरिक अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। शहर में वाहन चोरी, नशाखोरी और सार्वजनिक स्थलों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। छोटी-छोटी बातों पर चापड़ (धारदार हथियार) से हमले की घटनाओं ने व्यापारियों और आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
महासम्मेलन की 5 प्रमुख मांगें
मांग पत्र के माध्यम से संगठन ने पुलिस प्रशासन के समक्ष पांच सूत्रीय कार्ययोजना रखने का सुझाव दिया है। शहर के संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले इलाकों (जैसे बिस्टुपुर, साकची और मानगो) में पुलिस की पैदल और पीसीआर गश्त बढ़ाई जाए। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और जो खराब हैं उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। नशे के कारोबार में लिप्त और हथियारों के साथ घूमने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर सीसीए जैसी सख्त कार्रवाई हो। रात के समय सुनसान सड़कों और रिहायशी इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हेल्पलाइन नंबरों और पुलिस रिस्पांस टीम को अधिक सक्रिय व मजबूत बनाया जाए ताकि घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुँच सके।
प्रशासन का आश्वासन
एसएसपी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चिन्हित इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी और नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज किया जाएगा।
