जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में जनगणना 2026 को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी राजीव रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिलेवासियों को इस डिजिटल क्रांति और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
पहली बार ‘डिजिटल’ जनगणना और ‘स्व-गणना’ की सुविधा
उपायुक्त ने बताया कि जनगणना 2026 पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल मोड में होगी। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता ‘स्व-गणना’ है। कल यानी 1 मई 2026 से आम नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रत्येक नागरिक को मोबाइल या ईमेल के माध्यम से एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी, जिससे डेटा की सुरक्षा और सत्यापन सुनिश्चित होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां और कार्यक्रम
प्रशासन ने जनगणना को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है। 27 अप्रैल से शुरू हो चुका यह प्रशिक्षण 13 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रगणकों को डिजिटल टूल्स के उपयोग की ट्रेनिंग दी जा रही है।जो लोग स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणकों की टीमें घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगी।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति
जिले को विभिन्न प्रगणना क्षेत्रों में बांटा गया है ताकि कोई भी घर छूटने न पाए। उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि डिजिटल प्रक्रिया से डेटा संग्रह में सटीकता आएगी और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए पारदर्शी आंकड़े उपलब्ध होंगे।
“यह एक राष्ट्रीय अभियान है जो देश की प्रगति की रूपरेखा तय करता है। मेरी जिलेवासियों से अपील है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी दें और यदि संभव हो तो ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठाएं।” — राजीव रंजन, उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम
डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर
डिजिटल मोड होने के कारण नागरिकों में डेटा गोपनीयता को लेकर उठने वाले सवालों पर प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सभी जानकारियां एन्क्रिप्टेड होंगी और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
