जमशेदपुर : कदमा स्थित टाटा वर्कर्स यूनियन उच्च विद्यालय में जनजातीय कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अबीरा’ संस्था द्वारा एक दिवसीय ट्राइबल आर्ट क्लास का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला में पारंपरिक कला में रुचि रखने वाले 20 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सोहराई और पैतकर कला की मिली जानकारी
अबीरा की टीम ने विद्यार्थियों को सोहराई और पैतकर जैसी जनजातीय कला की बारीकियों से परिचित कराया। साथ ही इन कलाओं के सांस्कृतिक महत्व को भी समझाया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता की मौजूदगी
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शिप्रा मिश्रा मौजूद रहीं। उन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
“जनजातीय कला हमारी पहचान” – श्वेता सिंह
संस्था की संस्थापक श्वेता सिंह ने कहा कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारना और जनजातीय कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस पहल को आगे बढ़ाने की प्रेरणा उपायुक्त राजीव रंजन से मिली।
आगे भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
संस्था ने बताया कि भविष्य में जमशेदपुर और आसपास के ग्रामीण स्कूलों में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही आगामी समर कैंप में भी बच्चों को नि:शुल्क ट्राइबल आर्ट प्रशिक्षण दिया जाएगा।
