वीआईपी कल्चर पर प्रहार: बिना तामझाम के वर्षों से ई-वाहन से सफर कर रहे विधायक सरयू राय; सादगी बनी मिसाल, सेट किया नया ट्रेंड

जमशेदपुर:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद हाल के दिनों में देश के कई बड़े नेताओं ने अपने सुरक्षा काफिले को छोटा करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का फैसला लिया है। लेकिन, जमशेदपुर के विधायक सरयू राय इस मामले में काफी आगे हैं। वे बिना किसी राजनीतिक दिखावे या सरकारी निर्देश के, वर्षों से अपने दैनिक जीवन में इलेक्ट्रिक कार का उपयोग कर रहे हैं।

दिखावे से कोसों दूर, न हूटर न गाड़ियों का लंबा काफिला

आमतौर पर मंत्रियों और विधायकों के आगमन पर सड़कों पर हूटर बजाती गाड़ियां और सुरक्षाकर्मियों का भारी तामझाम देखने को मिलता है, जिससे आम जनता को भी परेशानी होती है। सरयू राय को अक्सर जमशेदपुर की सड़कों पर अकेले या बेहद सीमित सहयोगियों के साथ अपनी ई-कार में सफर करते देखा जा सकता है। उनके साथ न तो कोई हूटर बजाती गाड़ियां होती हैं और न ही सुरक्षा का कोई भारी-भरकम काफिला। उनका यह कदम सीधे तौर पर वीआईपी संस्कृति को खारिज करता है।

ग्रीन एनर्जी’ अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश

वैश्विक स्तर पर गहराते ईंधन संकट और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में स्वच्छ ऊर्जा समय की सबसे बड़ी मांग है। सरयू राय का मानना है कि पर्यावरण को केवल मंचों से भाषण देकर नहीं बचाया जा सकता, बल्कि इसके लिए खुद उदाहरण पेश करना पड़ता है।वर्षों से ई-वाहन का उपयोग कर वे समाज को पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने का संदेश दे रहे हैं। वे लगातार जमशेदपुर के युवाओं और आम नागरिकों से प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को दैनिक जीवन में शामिल करने की अपील करते रहे हैं।

सादगी के कारण आम जनता से सीधा और सुगम जुड़ाव

काफिले और सुरक्षा के इस तामझाम से दूरी बनाए रखने का सबसे बड़ा फायदा जमशेदपुर की जनता को मिलता है। भारी सुरक्षा घेरा न होने के कारण आम नागरिक बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे विधायक से मिल सकते हैं।अपनी समस्याओं को सीधे विधायक के सामने रखने की इस सुलभ व्यवस्था ने जमशेदपुर पश्चिमी की जनता के बीच उनके प्रति विश्वास और सम्मान को और मजबूत किया है।

झारखंड की राजनीति में सेट हो रहा है ‘नया ट्रेंड’

आज के राजनीतिक दौर में जहां भारी-भरकम फिजूलखर्ची और दिखावा हावी है, वहां सरयू राय की यह कार्यशैली पूरे झारखंड की राजनीति में एक नया ट्रेंड सेट कर रही है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनके इस व्यावहारिक और सादगीपूर्ण कदम की सराहना की जा रही है।

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