जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में भी आईआईटी में दाखिले का सपना लेकर करीब 1200 परीक्षार्थी रविवार को जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में शामिल हुए। हालिया राष्ट्रीय परीक्षा विवादों के साये में आयोजित होने के कारण इस बार परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षा व पारदर्शिता का एक बिल्कुल नया स्तर देखने को मिला।
दो पालियों में आयोजित हुई परीक्षा
जमशेदपुर के कुल तीन चिन्हित डिजिटल और तकनीकी केंद्रों पर परीक्षा को दो अनिवार्य पालियों (शिफ्ट) में आयोजित किया गया।
पेपर-1: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
पेपर-2: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
आईआईटी की मेरिट लिस्ट में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को दोनों पेपरों में बैठना अनिवार्य होता है।
‘नीट-यूजी’ विवाद का असर: त्रिस्तरीय सुरक्षा और बायोमेट्रिक जांच
देश में हाल ही में हुए नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के कारण परीक्षा कराने वाली एजेंसी आईआईटी रूडकी और स्थानीय जिला प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं थे। केंद्रों पर अतिरिक्त संवेदनशीलता बरती गई। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन बायोमेट्रिक जांच (फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन) की गई। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, किसी भी प्रकार की स्मार्ट वॉच, फिटनेस बैंड और साधारण कलाई घड़ियों तक को परीक्षा हॉल के बाहर ही जमा करा लिया गया।परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड और सरकारी पहचान पत्रों का मिलान करने के बाद ही उन्हें सिस्टम अलॉट किए गए।
केंद्रों के बाहर दिखा उत्साह और मानसिक तनाव का मिलाजुला माहौल
सुबह 7:30 बजे से ही शहर के परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और उनके अभिभावकों की भीड़ जुटने लगी थी। भीषण गर्मी के बावजूद कई अभिभावक पहली पाली से लेकर दूसरी पाली के खत्म होने तक परीक्षा केंद्रों के बाहर ही डटे रहे। छात्रों के चेहरों पर देश की सबसे कठिन परीक्षा को क्रैक करने का तनाव तो था, लेकिन साथ ही पिछले दो-तीन साल की कड़ी मेहनत को साबित करने का उत्साह भी साफ झलक रहा था। परीक्षा छूटने के बाद कई छात्रों ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त थी।
