
जमशेदपुर:: जमशेदपुर के गोपाल मैदान (बिष्टुपुर) में मिथिला समाज की अग्रणी संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा आयोजित द्विदिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आज से शुरू हो गया।इस कार्यक्रम में शहर में रहने वाले हजारों मैथिल परिवार अपने परिवार के साथ शामिल हुए और मिथिला की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और भाषा का उत्सव मनाया।
संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का प्रयास
कार्यक्रम के माध्यम से मैथिली परंपरा, संस्कृति, लोक-गायन और भाषा-साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और पहचान को समझने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
मैथिली साहित्यकारों की पुस्तकों का स्टाल
कार्यक्रम स्थल पर मैथिली साहित्य को बढ़ावा देने के लिए कई प्रसिद्ध साहित्यकारों की पुस्तकों के विशेष स्टाल भी लगाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से विद्यापति,लालदास,चंदा झा,हरिमोहन झा,गोविंद दास,ज्योतिश्वर ठाकुर,सुभाष चंद्र यादव,मनमोहन झा की रचनाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की पहल
आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को मिथिला की भाषा, साहित्य और परंपराओं से जोड़ना है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें और आगे आने वाली रचनात्मकता तक इसे पहुँचा सकें।
