गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के गालूडीह क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन रंकिनी मंदिर में शुक्रवार को महानवमी के पावन अवसर पर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। माँ बसंती (दुर्गा) पूजा के उपलक्ष्य में आयोजित ‘कुमारी कन्या पूजन’ ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
साक्षात ‘देवी स्वरूप’ में नजर आईं कुमारी कन्याएं
महानवमी के विशेष अनुष्ठान के तहत कुमारी कन्याओं को साक्षात माँ दुर्गा का रूप देकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस वर्ष अंकिता चटर्जी और शिष्टी मुखर्जी को माँ दुर्गा का रूप दिया गया। पारंपरिक श्रृंगार और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी आराधना की गई। बंगाल से आए विशेष पुजारी आनंदमय बैनर्जी और नयन बैनर्जी ने मंत्रोच्चार कर पूजन संपन्न कराया। यह पूरा आयोजन रंकिनी मंदिर के संस्थापक बाबा विनय दास की देखरेख में संपन्न हुआ। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच देवी रूपी कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की होड़ मच गई। भक्तों की भारी भीड़ ने इस दृश्य को यादगार बना दिया।
भीषण गर्मी में ‘युवा सेवा संघ’ का सहारा
चैत्र नवरात्रि की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी को देखते हुए गालूडीह के युवा सेवा संघ के सदस्यों ने सेवा की मिसाल पेश की। मंदिर के मुख्य द्वार पर युवाओं द्वारा ठंडे शरबत और शीतल पेयजल का वितरण किया गया, जिससे दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली। पेयजल के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बीच गुड़, चना और बुंदिया का प्रसाद भी बांटा गया।
चॉक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
भीड़ और उत्सव के माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। गालूडीह थाना प्रभारी अंकु कुमार के नेतृत्व में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण श्रद्धालुओं ने बिना किसी असुविधा के सुचारू रूप से माँ रंकिनी और कुमारी देवी के दर्शन किए।
