जमशेदपुर : लौहनगरी के भुईयांडीह मैदान में चल रहे चार दिवसीय नव कुंडीय महायज्ञ का आज विधिवत समापन हो गया। सोमवार को अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक संस्कारों के बीच पूर्णाहूति डाली गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
महायज्ञ के अंतिम दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भुईयांडीह मैदान पहुंचे। इस धार्मिक अनुष्ठान में महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने कलश यात्रा से लेकर अंतिम दिन की पूजा तक बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।यज्ञशाला में आहुतियां अर्पित करते हुए विद्वान पंडितों ने विश्व शांति, समाज में सुख-समृद्धि और जनमानस के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
दिग्गजों की उपस्थिति: राजनीति और धर्म का संगम
महायज्ञ के समापन अवसर पर शहर के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुइयां ने यज्ञशाला की परिक्रमा की और क्षेत्र की सुख-शांति के लिए आशीर्वाद लिया। आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रगुप्त सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक चेतना के लिए महत्वपूर्ण बताया।
संस्कृति संरक्षण का संकल्प
महायज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध जनों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिकता के दौर में धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता आवश्यक है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार के अनुष्ठानों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि आपसी भाईचारा भी सुदृढ़ होता है।
