जमशेदपुर: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ साकची थाना में शिकायत; राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणी का आरोप, एफआईआर की मांग

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री सरमा द्वारा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने साकची थाना पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

राहुल गांधी और पवन खेड़ा पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

साकची थाना को सौंपे गए आवेदन में कांग्रेस कमिटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री सरमा ने सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी जानबूझकर नेताओं की सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से की गई है।

लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव पर चोट

जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की टिप्पणी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित बिंदु उठाए हैं। ऐसे बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है, जिससे लोगों के बीच तनाव और वैमनस्य फैलने की आशंका रहती है।शिकायत के समर्थन में कांग्रेस ने संबंधित वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपे हैं।

पुलिस से विधिसम्मत कार्रवाई की मांग

पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने साकची थाना पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लेने का आग्रह किया है। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे, जो मुख्यमंत्री सरमा के बयानों के खिलाफ आक्रोश जता रहे थे।

More From Author

जमशेदपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 100 दिन के काउंटडाउन पर विशेष कार्यक्रम, 13 अप्रैल को जागरूकता कार्यशाला

जमशेदपुर में मेहंदी कुमारी पर खौलती चाय फेंकने की घटना के खिलाफ आक्रोश, आरोपियों को फांसी देने की मांग