जमशेदपुर: शहर के विभिन्न संस्थानों को ईमेल के जरिए मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों के बीच जमशेदपुर पुलिस पूरी तरह रेस हो गई है। इसी कड़ी में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
चप्पे-चप्पे पर नजर: सीसीटीवी कंट्रोल रूम का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी ने न्यायालय परिसर के तीनों प्रवेश द्वारों (गेट्स) की सुरक्षा जांच की। उन्होंने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता को परखा और कंट्रोल रूम जाकर मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: प्रॉपर चेकिंग और रजिस्टर मेंटेनेंस
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।कोर्ट आने वाले हर व्यक्ति की सघन तलाशी ली जाएगी।परिसर में प्रवेश करने वालों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।कोर्ट के अलावा शहर के सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।”लोगों को पैनिक (घबराने) होने की जरूरत नहीं है। ईमेल के जरिए संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले शरारती तत्वों को पुलिस जल्द ही गिरफ्त में लेगी। हमारी टीम इस पर तेजी से काम कर रही है।” — कुमार शिवाशीष, सिटी एसपी
अधिवक्ताओं की मांग: बार भवन के पास तैनात हों पुलिसकर्मी
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं ने भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि पूर्व में न्यायालय परिसर में हुई वारदातों को देखते हुए वकीलों में भय का माहौल रहता है।अधिवक्ताओं ने मांग की है कि बार भवन के बाहर स्थायी पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती की जाए। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा घेरा और मजबूत करने की आवश्यकता है।