जमशेदपुर : लौहनगरी के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। साकची स्थित ई-डिजिटल इंडिया स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के परिसर में इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट , रांची के जमशेदपुर सेंटर का सोमवार को गरिमामयी उद्घाटन हुआ। यह केंद्र स्थानीय विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की डिजिटल शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़ने का कार्य करेगा।
विधायक सरयू राय का विजन: एआई को बनाएं विकास का हथियार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने की आवश्यकता नहीं है। इसे एक सकारात्मक टूल (औजार) के रूप में अपनाना चाहिए।” श्री राय ने जोर देकर कहा कि तकनीक की समझ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि औसत बुद्धिमत्ता वाले बच्चों और गांवों तक भी इसकी पहुँच अनिवार्य है, तभी देश का वास्तविक विकास संभव है।वर्तमान दौर में नवीनतम तकनीक में निपुणता हासिल करके ही युवा अपने करियर को प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
तकनीकी विकास ही भविष्य की मांग: डॉ. अशोक कुमार झा
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने विधायक के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय प्रगति के लिए अब एआई का ज्ञान वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य हो चुका है। आइएसएम रांची की प्राचार्य डॉ. ज्योति और अन्य संकाय सदस्यों ने संस्थान द्वारा संचालित आधुनिक पाठ्यक्रमों और कॉलेज के शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी छात्रों के साथ साझा की।
शिक्षाविदों और गणमान्य हस्तियों का जमावड़ा
इस अवसर पर शिक्षा जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने इस पहल को जमशेदपुर के शैक्षणिक परिदृश्य के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम का संचालन एलबीएसएम कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपांजय श्रीवास्तव ने किया। ई-डिजिटल इंडिया के निदेशक रामकृष्ण ठाकुर ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।समारोह में डॉ. कमलेन्दु, चंदना ठाकुर (हेड ऑफ इंस्टिट्यूट, ई-डिजिटल इंडिया) समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।संस्थान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि जमशेदपुर के युवा वैश्विक जॉब मार्केट की प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
