
रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रेस क्लब में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जमशेदपुर के प्रतिष्ठित साहित्यकार वसंत जमशेदपुरी को ‘रघुनाथ महतो सम्मान’ से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
डॉ. महुआ माजी ने किया सम्मानित
झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में साहित्य और राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं।राज्यसभा सदस्य और प्रख्यात साहित्यकार डॉ. महुआ माजी ने वसंत जमशेदपुरी को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो, शंभू बादल, विद्याभूषण और चंद्रिका प्रसाद ‘देशदीप’ जैसे दिग्गज साहित्यकार मौजूद रहे।
साहित्य अकादमी की स्थापना के लिए जताया आभार
इस कार्यक्रम का दोहरा उद्देश्य था। साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ संघर्ष समिति ने झारखंड साहित्य अकादमी की स्थापना की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि अकादमी की स्थापना से राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा मिलेगी।
वसंत जमशेदपुरी: साहित्य सेवा का एक लंबा सफर
वसंत जमशेदपुरी जमशेदपुर और पूरे झारखंड में भाषाई संवर्धन के लिए एक जाना-माना नाम हैं। वे लंबे समय से निम्नलिखित संस्थाओं के माध्यम से सक्रिय हैं जिसमे तुलसी भवन (सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन) और अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंच के माध्यम तिक और साहित्यिक चेतना जागृत करने में जुटे हैं।जमशेदपुर पहुंचने पर विभिन्न संगठनों और साहित्य प्रेमियों ने वसंत जमशेदपुरी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है और इसे लौहनगरी के लिए गौरव का क्षण बताया है।
