जमशेदपुर:लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के पावन अवसर पर मंगलवार को लौहनगरी जमशेदपुर के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। डूबते हुए सूर्य (अस्ताचलगामी सूर्य) को प्रथम अर्घ्य अर्पित करने के लिए शहर के स्वर्णरेखा और खरकई नदी घाटों समेत विभिन्न तालाबों पर व्रतधारियों की भारी भीड़ देखी गई। पूरा शहर भगवान भास्कर की आराधना और छठी मइया के गीतों से गुंजायमान रहा।
आकर्षक सजावट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शहर के प्रमुख छठ घाटों को जिला प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। घाटों पर बज रहे पारंपरिक छठ गीतों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। लाइटिंग और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी कैंप लगाकर व्रतियों के बीच फल और पूजन सामग्री का वितरण किया।
सूर्य मंदिर घाट पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर छठ घाटपर विशेष रौनक देखने को मिली। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं भगवान सूर्य को नमन किया और व्रतधारियों से मिलकर महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की मंगलकामना की
अस्ताचलगामी सूर्य को दिया गया पहला अर्घ्य
पूरी श्रद्धा और कठिन उपवास के साथ व्रतधारी महिलाओं और पुरुषों ने पवित्र जलाशयों में खड़े होकर डूबते सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। बांस के सूप में फल, ठेकुआ और अन्य नैवेद्य सजाकर व्रतियों ने छठी मइया की पूजा की। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार और समाज के कल्याण के लिए सूर्य देव से प्रार्थना की। दोपहर से शुरू हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही देर रात तक जारी रही, जिससे पूरा शहर छठ की आस्था में डूबा नजर आया।अब सभी की नजरें कल यानी बुधवार सुबह के ‘उदीयमान सूर्य’ (उगते सूर्य) के अर्घ्य पर टिकी हैं, जिसके साथ ही चार दिवसीय इस महापर्व का समापन होगा।
