जमशेदपुर। झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ के बैनर तले पंचायत सचिवों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ग्रेड पे 2400 रुपये करने की प्रमुख मांग
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई चरणों के आंदोलन के बावजूद पंचायत सचिवों का ग्रेड पे 2400 रुपये नहीं किया गया है। उनका कहना है कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करते हैं, लेकिन उनके वेतन और सेवा शर्तों के प्रति सरकार उदासीन बनी हुई है।संघ ने बताया कि वर्ष 2019 के राज्य सम्मेलन में समाहरणालय कर्मियों की तर्ज पर कालबद्ध उच्चतर ग्रेड पे की मांग उठाई गई थी, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया।
पदों के पुनर्गठन की भी मांग
संघ ने सरकार से पंचायत सचिव संवर्ग का पुनर्गठन करते हुए निम्न पद सृजित करने की मांग की—
कनीय पंचायत सचिव – ग्रेड पे 2400 रुपये
उच्च वर्गीय पंचायत सचिव – ग्रेड पे 2800 रुपये
वरीय पंचायत सचिव – ग्रेड पे 4200 रुपये
प्रधान पंचायत सचिव – ग्रेड पे 4600 रुपये
पंचायत सचिव अधीक्षक – ग्रेड पे 4800 रुपये
प्रोन्नति और अन्य सुविधाओं की मांग
संघ ने यह भी मांग की कि प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के 50 प्रतिशत पदों पर वरीयता के आधार पर प्रोन्नति दी जाए।सभी पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक और रात्रि प्रहरी की नियुक्ति की जाए।पंचायत सचिवों को मनरेगा कार्यों से मुक्त किया जाए।रोजगार सेवक का अतिरिक्त प्रभार समाप्त किया जाए।
सेवा संबंधी लंबित मामलों के समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान पंचायत सचिवों ने गृह जिला में पदस्थापन, लंबित सेवा संपुष्टि, एसीपी, एमएसीपी, समय पर प्रोन्नति, जिला पंचायत राज पदाधिकारी के अधीन स्थापना, विभागीय कार्यों के लिए यात्रा भत्ता तथा स्थानांतरण और सेवा पुस्तिका संबंधी नियमों में आवश्यक संशोधन की भी मांग उठाई।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा और मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
