जमशेदपुर: जया किशोरी की सुमधुर वाणी से महकी साकची; ‘नानी बाई रो मायरो’ के पहले दिन उमड़ा 6 हजार भक्तों का सैलाब

जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में मंगलवार से भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम शुरू हो गया है। नारायणी सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा के पहले दिन विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता पूज्या जया किशोरी जी ने अपनी ओजस्वी और सुमधुर वाणी से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साकची स्थित बोधि मंदिर मैदान (राजेंद्र विद्यालय के पास) में आयोजित इस भव्य कथा के प्रथम दिन ही लगभग 6 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु भक्ति के रस में डूबे नजर आए।

नरसी मेहता की अटूट आस्था का जीवंत वर्णन

व्यास पीठ से कथा का वाचन करते हुए जया किशोरी जी ने भक्त नरसी मेहता के जीवन संघर्ष और उनकी श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति को उजागर किया।साध्वी जी ने बताया कि नरसी जी जन्म से मूक-बधिर थे, लेकिन कान्हा की असीम कृपा से उन्हें वाणी मिली। उनके जीवन का सार केवल सादगी और निरंतर प्रभु सुमिरन ही था। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे शिव जी की आराधना से नरसी जी को दिव्य ‘महारास’ के दर्शन प्राप्त हुए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक सच्चा भक्त गरीबी और कठिनाइयों के बावजूद भगवान पर अटूट विश्वास रखता है, तो स्वयं ईश्वर उसकी मदद के लिए दौड़े चले आते हैं। कथा के आरंभ में उन्होंने विवाह के बाद एक लड़की के जीवन में आने वाले बदलावों पर चर्चा की, जिसे पंडाल में मौजूद महिलाओं ने काफी सराहा।

जब भगवान ने स्वयं भरा ‘मायरा’

जया किशोरी ने नानी बाई के मायरे (भात) के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि विश्वास की शक्ति क्या होती है। जब नरसी मेहता के पास कुछ नहीं था, तब भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं नरसी का रूप धारण किया और नानी बाई के ससुराल वालों की अपेक्षा से चार गुना अधिक मायरा भरकर दुनिया को अपनी भक्ति का प्रमाण दिया। उन्होंने कहा कि यह कथा केवल पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि घर में सुख-शांति और आध्यात्मिक विकास का मार्ग है।

विधिवत पूजा और भव्य आयोजन

कथा शुरू होने से पहले कोलकाता से आए आचार्य अभिषेक तिवारी ने यजमानों के साथ मिलकर गणेश वंदना, कलश स्थापना और ठाकुर जी की विशेष पूजा संपन्न कराई।इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में नारायणी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार चंदूका, राजकुमार संघी, कैलाश सरायवाला, विजय मित्तल और पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा। बुधवार, 1 अप्रैल को कथा के दूसरे दिन जया किशोरी जी ‘कुमकुम पत्रिका का पहुॅचना’ और ‘श्रीकृष्ण-नरसी मेहता मिलन’ के प्रसंगों का वाचन करेंगी।

साकची का चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी तरह भरा हुआ था। भजनों पर झूमते भक्तों और जय श्री कृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

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