जमशेदपुर: टाटा पावर में कार्यरत मजदूरों के ओवर टाइम के दोगुना भुगतान के लंबित मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय में निर्धारित महत्वपूर्ण वार्ता अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी, जिससे मजदूरों और यूनियन प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी गई।
“न्याय के मंदिर में सिर्फ तारीख पर तारीख”
वार्ता में शामिल होने पहुंचे टाटा पावर मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष और एटक के राज्य सचिव अम्बुज कुमार ठाकुर ने प्रशासन और प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा पिछले 3 महीनों से मजदूर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय केवल नई तारीखें मिल रही हैं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि टाटा पावर प्रबंधन और ठेका कंपनी आरके रिएक्टर, दोनों ही उप श्रमायुक्त के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
दोगुना दर से भुगतान की मांग
मजदूरों की मुख्य मांग श्रम कानूनों के तहत ओवर टाइम का दोगुना दर से भुगतान सुनिश्चित करना है। यूनियन का कहना है कि मजदूरों से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन उनके वित्तीय अधिकारों का हनन हो रहा है।
यूनियन की भावी रणनीति
अंबुज ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो कंपनी में काम ठप कर हड़ताल की जाएगी। यूनियन ने कहा कि यदि औद्योगिक शांति भंग होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उप श्रमायुक्त और संबंधित प्रबंधन की होगी।
यूनियन प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
आज की वार्ता के लिए टाटा पावर मजदूर यूनियन का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था, जिसमें मुख्य रूप से महासचिव निगमानन्द पाल,धनंजय शुक्ला, पवन कुमार, दिलीप कुमार एवं अन्य सदस्य शामिल थे।अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण बिना किसी ठोस नतीजे के प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटना पड़ा, जिससे मजदूरों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
