जमशेदपुर: ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शुरू, आईआईटी और आईआईएम के दिग्गज साझा करेंगे विशेषज्ञता

जमशेदपुर: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई जमशेदपुर में सोमवार से दो दिवसीय सेमिनार और कार्यप्रणाली कार्यशाला का भव्य आगाज हुआ। 30 और 31 मार्च तक चलने वाला यह आयोजन आईसीएसएसआर परियोजना 2024-25 के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के ‘विजन विकसित भारत@2047’ के राष्ट्रीय संकल्पों को साकार करने की दिशा में संस्थान की एक महत्वपूर्ण पहल है।

शैक्षणिक और सांस्कृतिक दिग्गजों का महाकुंभ

इस दो दिवसीय संगोष्ठी में देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शोधार्थियों और छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं । कार्यशाला में आईआईटी बॉम्बे , आईआईएम उदयपुर और एक्सएलआरआई के वरिष्ठ प्रोफेसर अपनी विशेषज्ञता साझा कर रहे हैं।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 8 प्रतिष्ठित अतिथि वक्ता हैं, जो दृश्य कला, पारंपरिक हस्तशिल्प, धातु शिल्प, स्वदेशी व्यंजन, सिनेमा और शास्त्रीय एवं लोक नृत्य जैसे विविध क्षेत्रों के संरक्षक माने जाते हैं।

विरासत और उद्यमशीलता का अनूठा संगम

सेमीनार का मुख्य उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक जड़ों को आधुनिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्न हैं इसमें मौखिक, दृश्य और सांस्कृतिक बारीकियों का गहन विश्लेषण कर शोध की नई दिशाएं तय करना। भारत की समृद्ध पारंपरिक विरासत को किस प्रकार आधुनिक उद्यमशीलता के नए रास्तों से जोड़कर एक सशक्त समाज और अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है।यह आयोजन अकादमिक चर्चाओं और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।

औपचारिक उद्घाटन और भविष्य की राह

सोमवार सुबह संस्थान परिसर में दीप प्रज्वलन के साथ इस संगोष्ठी का औपचारिक उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में हमारी ‘सॉफ्ट पावर’ यानी सांस्कृतिक विरासत का बहुत बड़ा योगदान होगा।यह कार्यशाला न केवल छात्रों को शोध के नए आयामों से परिचित कराएगी, बल्कि उन्हें स्वदेशी शिल्पों और कलाओं में छिपे व्यावसायिक अवसरों को पहचानने में भी मदद करेगी। मंगलवार को कार्यक्रम के समापन सत्र में शोधार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की जाएगी।

More From Author

जमशेदपुर: ठक्कर बापा मध्य विद्यालय बनेगा ‘मॉडल स्कूल’, जल्द राज्य सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

हजारीबाग कांड: झारखंड हाई कोर्ट सख्त; गृह सचिव और डीजीपी से मांगी रिपोर्ट, अदालत ने कहा- ‘जितनी निंदा की जाए कम है’

Recent News