
जमशेदपुर: देशभर के साथ-साथ लौहनगरी के होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्टलों में एलपीजी गैस की किल्लत ने रसोई का जायका बिगाड़ दिया है। कई जगहों पर ईंधन की कमी के कारण संकट गहराया हुआ है, लेकिन शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम मेडिकल कॉलेज में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यहां मरीजों के खान-पान में गैस संकट का कोई असर नहीं पड़ा है।
एमजीएम में रोजाना 550 मरीजों का तैयार हो रहा भोजन

एमजीएम अस्पताल की रसोई में प्रतिदिन लगभग 500 से 550 मरीजों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। गैस की सुचारू आपूर्ति के कारण मरीजों को निर्धारित समय पर उत्तम और पौष्टिक भोजन मिल रहा है।

अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर बलराम झा ने बताया अस्पताल में फिलहाल गैस की कोई समस्या नहीं है। आपूर्ति विभाग लगातार अस्पताल प्रबंधन के संपर्क में है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति होने पर तुरंत सूचित करें, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। फिलहाल आपूर्ति सुचारू बनी हुई है।
सदर अस्पताल में संकट टला, अब गैस पर लौट आई रसोई
बता दें कि दो दिन पूर्व जमशेदपुर के सदर अस्पताल में गैस की भारी किल्लत देखी गई थी। हालात इतने बिगड़ गए थे कि मरीजों का खाना लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर बनाना पड़ रहा था। ताजा जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में उत्पन्न हुए इस संकट का अब समाधान कर लिया गया है। लकड़ी और कोयले के चूल्हों को हटा दिया गया है और अब वहां भी गैस के जरिए ही मरीजों का भोजन तैयार किया जा रहा है।
प्रशासन की मुस्तैदी से राहत
शहर के अन्य संस्थानों में जहां गैस की किल्लत अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं सरकारी अस्पतालों में प्रशासन की मुस्तैदी ने मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है। आपूर्ति विभाग की प्राथमिकता फिलहाल अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखना है।
