जमशेदपुर : लौहनगरी के सोनारी स्थित मरार पारा में एम.पी. युवक संघ द्वारा आयोजित ‘श्री श्री सार्वजनिक नवरात्रि जवारा पूजा’ का शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। नवमी के पावन अवसर पर निकाली गई भव्य जवारा विसर्जन शोभायात्रा ने पूरे सोनारी क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और अटूट आस्था के संगम ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया।
भव्य शोभायात्रा: ‘ज्योति कलश’ बना आकर्षण का केंद्र
शुक्रवार दोपहर सोनारी मरार पारा स्थित शीतला माता मंदिर से विसर्जन यात्रा का शुभारंभ हुआ।गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज के बीच निकली इस यात्रा में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। शोभायात्रा में शामिल ‘ज्योति कलश’ और कलश लिए हुए श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहे। क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों ने माँ शीतला की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
न्यू कपाली घाट पर विधि-विधान से विसर्जन
यह शोभायात्रा मरार पारा से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई न्यू कपाली घाट पहुँची।पारंपरिक वेशभूषा में सजी सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर जवारा और कलश लेकर पदयात्रा की। पूरे मार्ग में ‘जय माता दी’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।घाट पर पहुँचने के बाद पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ जवारा का विसर्जन किया गया।
सुरक्षा और व्यवस्था की मिसाल
एम.पी. युवक संघ के सदस्यों ने विसर्जन यात्रा के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा। भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस और संघ के स्वयंसेवक पूरे मार्ग में तैनात रहे, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रही। समिति के सदस्यों ने बताया कि दशकों से चली आ रही इस परंपरा को इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों के सहयोग से शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।सोनारी क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। विसर्जन के साथ ही नौ दिनों से चल रहे इस विशेष अनुष्ठान का समापन हुआ।
