रांची: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के बाद अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं। शुक्रवार सुबह से रांची में वोटों की गिनती का काम कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया है। हालांकि, चुनाव की जटिल प्रक्रिया और वरीयता क्रम के आधार पर होने वाली काउंटिंग के कारण अंतिम परिणाम स्पष्ट होने में 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।
जमशेदपुर के 12 उम्मीदवारों समेत 100 से अधिक अधिवक्ता रांची में डटे
वोटों की गिनती शुरू होते ही पूरे राज्य के अधिवक्ताओं में भारी उत्साह और बेचैनी देखी जा रही है। जमशेदपुर से चुनाव मैदान में उतरे 12 अधिवक्ता उम्मीदवारों समेत राज्यभर के 100 से ज्यादा प्रत्याशी और उनके समर्थक रांची में कैंप कर रहे हैं। काउंसिल के कुल 23 पदों (18 पुरुष और 5 महिला) के लिए यह चुनावी दंगल हो रहा है।12 मार्च को हुए मतदान में जमशेदपुर बार भवन के 1525 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद की थी।
चुनावी समीकरण और को-ऑप्शन प्रक्रिया
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के इस चुनाव में राज्यभर से कुल 100 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। निर्वाचित होने वाले 23 सदस्यों के अलावा, चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो महिला सदस्य अधिवक्ताओं का को-ऑप्शन (मनोनयन) भी किया जाएगा। वोटों की गिनती ‘प्रेफरेंशियल वोटिंग’ सिस्टम के तहत होती है, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय वरीयता के मतों को छांटने में काफी समय लगता है। यही कारण है कि विजेता उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची आने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है।
अधिवक्ताओं के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म
रांची में मतगणना स्थल के बाहर सुबह से ही गहमागहमी बनी हुई है। जमशेदपुर बार एसोसिएशन के सदस्य भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। अधिवक्ताओं का मानना है कि इस बार काउंसिल में नए चेहरों और अनुभवी दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला है, जो राज्य के वकीलों के कल्याण और न्यायिक व्यवस्था में सुधार के लिए काम करेंगे।
