सरायकेला : सरायकेला में झारखंड राज्य सहकारी बैंक से जुड़े करीब 35 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार सुबह कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम ने पटनायक टोला स्थित ठेकेदार संजय कुमार डालमिया के आवास पर छापेमारी कर दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच कर रही है ।
सुबह तीन वाहनों से पहुंची ईडी की टीम
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे तीन वाहनों से संजय कुमार डालमिया के पटनायक टोला स्थित आवास पर पहुंची। टीम के अधिकारियों ने घर में प्रवेश करने के बाद विभिन्न कमरों और अन्य स्थानों पर तलाशी शुरू की।तलाशी के दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों समेत अन्य सामान की जांच किए जाने की सूचना है। कार्रवाई के दौरान आवास के आसपास लोगों की आवाजाही भी सीमित रही।
झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ा है मामला
पूरा मामला झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की सरायकेला शाखा से जुड़े ऋण और कथित वित्तीय गड़बड़ी से संबंधित बताया जा रहा है।झारखंड हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में मामले की जांच के दौरान संजय कुमार डालमिया से जुड़े खातों में 32.01 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी का उल्लेख सामने आया है। प्रकरण में तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति से जुड़ी राशि का भी जिक्र किया गया है।इसी मामले में संजय कुमार डालमिया, तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की जानकारी है।
वित्तीय पहलुओं की जांच के क्रम में कार्रवाई
मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच के क्रम में ईडी की शुक्रवार की कार्रवाई की गई है। तलाशी के दौरान जांच टीम द्वारा कई दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच किए जाने की सूचना है।हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक छापेमारी के विस्तृत आधिकारिक कारण, तलाशी में सामने आए तथ्यों या किसी सामान अथवा दस्तावेज की बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी विस्तृत जानकारी
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी रहने की जानकारी है। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।मामले में सामने आए वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच अभी जारी है और आरोपों के संबंध में अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्षों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
