देवघर में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज

देवघर: देवघर में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को संथाल परगना के कमिश्नर संजय कुमार की अध्यक्षता में देवघर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि श्रावणी मेला शुरू होने में अभी तीन से चार महीने का समय है, लेकिन प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को सुगम व्यवस्था मिल सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा विशेष ध्यान

कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि इस बार प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए मेले के दौरान लाइन व्यवस्था को अधिक आरामदायक और सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर और मेले के मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में कम परेशानी होगी और वे आसानी से बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

AI तकनीक से होगी श्रद्धालुओं की निगरानी

बैठक में मौजूद देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।उन्होंने कहा कि AI की मदद से मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का फेस डिटेक्शन और हेड काउंट किया जाएगा। इससे प्रशासन को यह पता लगाने में आसानी होगी कि किस क्षेत्र में कितनी भीड़ है और श्रद्धालुओं की सटीक संख्या कितनी है।इसके अलावा, AI तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं के लोकेशन को भी ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

खोया-पाया केंद्र और कंट्रोल रूम होंगे मजबूत

श्रावणी मेला के दौरान कई बार अत्यधिक भीड़ के कारण श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने इस बार खोया-पाया केंद्र और कंट्रोल रूम की व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है।बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेले के दौरान सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से सक्रिय और व्यवस्थित रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके।

30 जून से शुरू हो सकता है श्रावणी मेला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रावणी मेला 30 जून से शुरू होने की संभावना है। इसको लेकर जिला प्रशासन अभी से पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गया है।प्रशासन का प्रयास है कि मेले के दौरान आने वाली किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

श्रद्धालुओं को सुलभ तरीके से पूजा की सुविधा

प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद श्रद्धालु आसानी से और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकें।बैठक में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मेले को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए।

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