सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के खापरसाई प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को एक भीषण दुर्घटना होते-होते बची। स्कूल भवन का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन छात्राएं घायल हो गई हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली और बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिड-डे मील की घंटी ने बचाई 28 बच्चों की जान
जानकारी के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, स्कूल में कुल 28 बच्चे मौजूद थे। गनीमत यह रही कि मध्याह्न भोजन की घंटी बजते ही बच्चे क्लासरूम से बाहर निकल चुके थे। यदि कुछ मिनटों की देरी होती, तो एक बड़ी जनहानि तय थी। इस मलबे की चपेट में आने से 11 वर्षीय मुस्कान बारला, 9 वर्षीय रेशमी बारला और 7 वर्षीय सोनाली जामुदा को चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है हादसे के बाद बच्चे इतने डरे हुए हैं कि वे दोबारा क्लासरूम में घुसने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को शिक्षिकाओं ने बच्चों को स्कूल के बाहर पेड़ के नीचे दरी बिछाकर पढ़ाया।
40 साल पुराना भवन: चेतावनी के बावजूद नहीं जागा विभाग
ग्रामीणों के अनुसार, यह स्कूल भवन लगभग 1985 में बना था। 40 साल पुराने इस दो कमरों के भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर है। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी पंडा ने 6 सितंबर 2025 को ही विभाग को लिखित पत्र भेजकर भवन की खतरनाक स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।चेतावनी के बावजूद विभाग ने स्कूल को शिफ्ट करने या मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
उच्च अधिकारियों को खबर तक नहीं, ग्रामीणों में आक्रोश
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जिले के उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक इस मामले से अनभिज्ञ थे। सूचना के बावजूद प्रभारी बीपीओ सांत्वना जेना के काफी देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया।मीडिया द्वारा संज्ञान में लाए जाने के बाद सरायकेला उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
गंभीर सवाल: क्या बच्चों की जान इतनी सस्ती है?
यह घटना शिक्षा विभाग के निचले तंत्र की भारी लापरवाही को उजागर करती है। जब प्रधानाध्यापिका ने महीनों पहले खतरे की घंटी बजा दी थी, तो प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा था? अभिभावकों में अब डर और प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा व्याप्त है।
