NH-18 से बुरूजबनी जाने वाली सड़क बनी ‘सजा’,हल्की बारिश में टापू बन जाता है गांव

चाकुलिया : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले अंतर्गत चाकुलिया प्रखंड की कालियाम पंचायत में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। नेशनल हाईवे (NH-18) से बुरूजबनी गांव को जोड़ने वाली करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि हल्की बारिश होते ही यह चलने लायक नहीं बचती। सड़क की इस बदहाली के कारण संथाल बहुल इस गांव के चार टोलों में रहने वाले लगभग 90 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

16 सालों से मरम्मत का इंतजार; उभरे नुकीले पत्थर

ग्रामीणों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण सड़क की अंतिम बार मरम्मत वर्ष 2010 में हुई थी। डेढ़ दशक बीत जाने के बाद अब स्थिति यह है की पूरी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।सड़क की पिच पूरी तरह उखड़ चुकी है और नुकीले पत्थर बाहर निकल आए हैं, जिससे आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।दक्षिण में स्वर्णरेखा नदी और उत्तर में NH-18 के बीच स्थित यह गांव बरसात के दिनों में बाहरी दुनिया से लगभग कट जाता है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा प्रहार

सड़क की जर्जरता का सबसे बुरा असर गांव के विद्यार्थियों और मरीजों पर पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुँचना नामुमकिन है। मरीज को खटिया या कंधे पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कीचड़ और जलजमाव के कारण बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो गया है। कई बार बच्चे फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं।

जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से ग्रामीणों में रोष

ग्राम प्रधान परमेश्वर टुडू ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, पंचायत के मुखिया दासो हेंब्रम ने स्वीकार किया कि सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही क्षेत्रीय विधायक समीर कुमार मोहंती से मिलकर इस सड़क के नवनिर्माण की पुरजोर मांग करेंगे।संथाल समाज के इन परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। फिलहाल, ग्रामीण भगवान भरोसे अपनी जान जोखिम में डालकर इस पथरीली राह पर चलने को विवश हैं।

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