पोटका प्रखंड क्षेत्र के डोमजूडी गांव में नशा, बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व गांव की मुखिया अनीता मुर्मू ने किया, जिसमें एसएलपीएस की महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पूरे गांव में जोरदार प्रदर्शन और प्रभात फेरी निकाली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को नशा के दुष्परिणामों, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया।
महिलाओं ने दिया सामाजिक बदलाव का संदेश
प्रभात फेरी के दौरान महिलाओं ने गांव के विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों से अपील की कि वे समाज से नशा, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी बुराइयों को खत्म करने में सहयोग करें। महिलाओं ने कई जागरूकता नारे लगाकर ग्रामीणों को सामाजिक सुधार के लिए प्रेरित किया।
अभियान जारी रहेगा: अनीता मुर्मू
इस अवसर पर मुखिया अनीता मुर्मू ने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा डोमजूडी गांव नशा मुक्त, बाल विवाह मुक्त और बाल श्रम मुक्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाएं सामाजिक बदलाव के लिए एकजुट होकर काम कर रही हैं।
दारू माफियाओं के खिलाफ होगा अगला अभियान
मुखिया ने बताया कि आने वाले दिनों में महिलाओं का अगला अभियान दारू माफियाओं के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नदी किनारे बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाकर नशे का कारोबार कर रहे हैं, जिसके खिलाफ महिलाएं सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
नशा मुक्त समाज का संकल्प
अभियान के अंत में महिलाओं ने “स्वच्छ जीवन जीना है, नशा को जड़ से मिटाना है” जैसे कई जागरूकता नारे लगाए और ग्रामीणों से नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की।
