
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी लग्जरी गाड़ियों को छोड़कर साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे। एक तरफ जहां देशभर में कांग्रेस रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, वहीं मंत्री के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
“फिटनेस भी और बचत भी”: स्वास्थ्य मंत्री का संदेश
विधानसभा परिसर पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए इरफान अंसारी ने अपने इस कदम के पीछे दो मुख्य कारण बताए ।उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे बेहतरीन तरीका है। नियमित साइकिल चलाने से बीमारियों का खतरा कम होता है।मंत्री ने पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तेल इतना महंगा हो गया है, तो साइकिल एक सस्ता और सुलभ विकल्प है।
प्रतीकात्मक विरोध या चुनावी स्टंट?
इरफान अंसारी का यह कदम केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता मात्र नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे दोहरे निशाने साधे गए हैं।साइकिल चलाकर उन्होंने बिना बोले यह संदेश दे दिया कि आम जनता ईंधन की कीमतों से कितनी त्रस्त है। एक मंत्री का साधारण साइकिल पर आना जनता के बीच एक ‘डाउन टू अर्थ’ इमेज बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
जैसे ही इरफान अंसारी की साइकिल चलाते हुए तस्वीरें और वीडियो सामने आए, वे सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जहां समर्थक इसे “साहसिक और प्रेरणादायक” कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे “बजट सत्र के दौरान ध्यान भटकाने वाला नाटक” करार दे रहे हैं।
बजट सत्र में उठाएंगे जनता के मुद्दे
साइकिल से उतरकर सदन में प्रवेश करते समय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे और उनकी सरकार जनता के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर वे स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और आम जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखेंगे।
