जमशेदपुर: जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मंगलवार को पीजीडीएम (उभरते सीएचआरओ के लिए एचआरएम) और ब्लेंडेड पीजीडीएम कार्यक्रमों के तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मानव संसाधन प्रबंधन, बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंस के कुल 129 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रदान किए गए।दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों ने एक्सएलआरआई की शपथ लेते हुए जिम्मेदार और नैतिक प्रबंधन, ईमानदारी, समावेशिता, सतत विकास, निष्पक्षता और समाज के कल्याण के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
चार कार्यक्रमों के 129 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
समारोह में अलग-अलग प्रबंधन कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किया गया। इनमें 18 माह के पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट फॉर इमर्जिंग सीएचआरओ के 36 विद्यार्थी शामिल रहे।इसके अलावा दो वर्षीय पीजीडीएम (एचआरएम) के 33, पीजीडीएम (बिजनेस मैनेजमेंट) के 41 और पीजीडीएम (फाइनेंस) के 19 विद्यार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की गईं।इस तरह चारों कार्यक्रमों को मिलाकर कुल 129 विद्यार्थियों ने अपनी प्रबंधन शिक्षा पूरी की।
डेलॉइट के चीफ ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर आनंद शंकर रहे मुख्य अतिथि
समारोह के मुख्य अतिथि डेलॉइट साउथ एशिया के चीफ ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिसर आनंद शंकर रहे। उद्योग, कंसल्टिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले आनंद शंकर ने स्नातकों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी।उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता में परिवार, शिक्षकों और संस्थान के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। अपने संबोधन में उन्होंने बदलते तकनीकी परिदृश्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी बात की।
एआई के दौर में मानव निर्णय और मूल्यों की अहमियत
आनंद शंकर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण कई तकनीकी क्षमताएं अब आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ऐसे समय में मानव निर्णय क्षमता, मूल्यों और उद्देश्य की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।उन्होंने विद्यार्थियों से अपने प्रभाव और विश्वसनीयता का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने सच बोलने और सही बात के समर्थन में खड़े होने का साहस रखने की प्रेरणा दी।उन्होंने स्नातकों से अपने पेशेवर ज्ञान और क्षमताओं का इस्तेमाल समाज तथा संस्थाओं में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने का आग्रह किया।
निदेशक डॉ. फादर सेबेस्टियन जॉर्ज ने नेतृत्व और शिक्षा पर रखे विचार
समारोह में एक्सएलआरआई के निदेशक डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एस.जे. ने शिक्षा और नेतृत्व के व्यापक उद्देश्य पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति अपने भीतर की अच्छाई को पहचानकर उसे संरक्षित कर सकता है। उन्होंने न्याय के पक्ष में खड़े होने के साहस और दयालुता के छोटे-छोटे कार्यों की परिवर्तनकारी शक्ति पर भी अपने विचार साझा किए।
चार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से किया गया सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें शामिल हैं:
दीप्ती संतोष मुलगांवकर — सीएचआरओ कार्यक्रम
अभिनव कुमार ठाकुर — पीजीडीएम-बीएम, ब्लेंडेड मॉड
मेनका शर्मा — पीजीडीएम-एचआरएम, ब्लेंडेड मोड
सुनंदा प्रधान — पीजीडीएम-फाइनेंस, ब्लेंडेड मोड
इन विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
नैतिक और मूल्य आधारित प्रबंधन शिक्षा पर एक्सएलआरआई का जोर
दीक्षांत समारोह के माध्यम से एक्सएलआरआई ने कार्यरत पेशेवरों और उभरते नेतृत्वकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-आधारित और व्यावहारिक प्रबंधन शिक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।संस्थान के ब्लेंडेड कार्यक्रमों में शैक्षणिक ज्ञान और पेशेवर अनुभव के समन्वय पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक संगठनों की वास्तविक चुनौतियों के बीच प्रभावी नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए तैयार करना है।
